ITI Ke Gyani

Our Services

सभी ट्रेड मॉड्यूल्स के लिए द्विभाषी (हिंदी और अंग्रेज़ी) अध्ययन सामग्री और विस्तृत प्रश्न बैंक तक पहुँच प्राप्त करें, जो प्रत्येक आईटीआई प्रशिक्षु के लिए सीखने की प्रक्रिया को आसान और प्रभावी बनाने के लिए तैयार किए गए हैं।

आईटीआई एवं कौशल आधारित सरकारी, प्राइवेट, आउटसोर्सिंग नौकरियों की रीयल-टाइम भर्ती सूचनाओं से हमेशा अपडेट रहें और अपने करियर के हर अवसर का लाभ उठाएँ।

अपने ज्ञान और समझ को परखें मॉक टेस्ट और ऑनलाइन अभ्यास पेपर के माध्यम से। ये टेस्ट आपको वास्तविक परीक्षा जैसा अनुभव देते हैं, जिससे आप अपनी तैयारी को बेहतर बना सकते हैं और आत्मविश्वास के साथ परीक्षा में सफल हो सकते हैं।

CTS Top Trades

Electrician

2 Years
Eligibility:
10ᵗʰ Pass

Fitter

2 Years
Eligibility:
10ᵗʰ Pass

COPA

1 Years
Eligibility:
10ᵗʰ Pass

Welder

1 Years
Eligibility:
8ᵗʰ Pass

आईटीआई छात्रों को होने वाली प्रमुख समस्याएँ

सही जानकारी न होने के आभाव में आईटीआई के स्टूडेंट को काफी सारी समस्याओ का सामना करना पड़ता है प्रवेश एवं परीक्षा दोनों में ही जो इस प्रकार है:

गर्व का क्षण: हमारे मार्गदर्शन से छात्रों ने पाए 90% अंक

हमारी वेबसाइट पर उपलब्ध उच्च गुणवत्ता के स्टडी मटेरियल और मुफ्त मॉक टेस्ट पेपर्स के लाभ से सैंकड़ों विद्यार्थियों ने अपनी तैयारी को नए स्तर तक पहुँचाया है। इन शिक्षार्थियों ने हमारे द्वारा दिए गए संसाधनों से निरंतर अध्ययन कर DGT भारत सरकार की वास्तविक परीक्षा में 90% से भी अधिक अंक प्राप्त किए हैं। अगर आप भी DGT परीक्षा में श्रेष्ठ अंक पाना चाहते हैं तो आज ही हमारी वेबसाइट पर उपलब्ध स्टडी मटेरियल, महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तरी और समयबद्ध मॉक टेस्ट पेपर्स की सहायता से अपनी तैयारी शुरू करें और अपने लक्ष्यों को प्राप्त करें। मेहनत और सही मार्गदर्शन आपके उज्ज्वल भविष्य की कुंजी है।

PRIYANSHU

CARTE Private ITI
Fitter Trade
R230809046127
प्राप्त किये : 94%% अंक
August 2025 Exam

CHHAYA AGGARWAL

CARTE Private ITI
COPA TRADE
R240809000317
प्राप्त किये : 91% अंक
August 2025 Exam

PRIYANKA KUMARI

GITI Bilari Muradabad
COPA Trade
R240809000317
प्राप्त किये : 90% अंक
August 2025 Exam

SIDH पोर्टल की समस्याएं और उनके समाधान

परीक्षार्थी जिन समस्याओ का सामना करते है

  1. PRN Generate न होने के नुकसान क्या क्या हैं?  –> अभी जानिए
  2. PRN Generate करने के लिए आधार कार्ड क्यों जरूरी है?    > अभी जानिए
  3. मार्कशीट एवं सर्टिफिकेट में संशोधन (नाम,माता/पिता का नाम/जन्म तिथि/फोटो/केटेगरी) कैसे करवाए ?    > अभी जानिए
  4. आईटीआई कम्पलीट होने के बाद क्या करना चाहिए ?> अभी जानिए

संस्थान जिन समस्याओ का सामना करते है

  1. ITI Login Id को login करने में User Type not supported एरर को कैसे सही करें ?    > अभी जानिए
  2. अप्रूवल/क्रिएटर आईडी में लगे मोबाइल नंबर एवं ईमेल आईडी को कैसे बदलवाए ?    > अभी जानिए
  3. Complete trainee verification by visiting your ITI/NSTI, एरर को कैसे सही करें ?    > अभी जानिए
  4. DGT भारत सरकार को अपनी SIDH पोर्टल की समस्या से कैसे अवगत करवाए ?    > अभी जानिए

महत्वपूर्ण सूचना

कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) तथा प्रशिक्षण महानिदेशालय (DGT) द्वारा सूचित किया गया है कि NCVTMIS पोर्टल को 31 अक्टूबर 2025 से Read-Only Mode में कर दिया गया है, ताकि पुरानी सूचनाओं और सुविधाओं को पूरी तरह से Skill India Digital Hub (SIDH) पर स्थानांतरित किया जा सके।

2023 सेशन (2 वर्षीय ट्रेड्स के 2nd वर्ष – सेशन 2022-24) सहित सभी DGT स्कीम्स को सफलतापूर्वक SIDH प्लेटफॉर्म पर ऑनबोर्ड किया जा चुका है।

सभी संबंधित हितधारकों से अनुरोध है कि SIDH (https://www.skillindiadigital.gov.in/home) का उपयोग करें, जहां सभी परिचालन सेवाएँ जैसे शिकायत निवारण, आदि उपलब्ध होंगी।
Migration पूरा होने के बाद पुरानी सभी सेवाएँ भी SIDH पर सक्रिय हो जाएँगी।

वहीं, डेटा रिपोर्ट डाउनलोड, लॉगिन एवं पब्लिक एक्सेस, मार्कशीट और प्रमाण पत्र डाउनलोड, ट्रेनी वेरिफिकेशन, एम्प्लॉयर डैशबोर्ड जैसी सुविधाएँ अब भी NCVTMIS पर Read-Only Mode में उपलब्ध रहेंगी।

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आईटीआई के बाद उच्च शिक्षा क्यों चुनें और आगे कैसे बढ़ें?”

आईटीआई के प्रशिक्षार्थी (स्टूडेंट्स), जो आईटीआई के माध्यम से व्यावसायिक शिक्षा प्राप्त कर रहे है अथवा आईटीआई  ‘उत्तीर्ण’ कर चुके है, वह प्रशिक्षार्थी  यदि माध्यमिक (High School/10वी) तथा उच्चतर माध्यमिक (Inter Medicate/12वी) का प्रमाणपत्र प्राप्त करना चाहते है तो वह NIOS (National Institute of Open Schooling), राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान से माध्यमिक तथा उच्चतर माध्यमिक के प्रमाणपत्र प्राप्त कर सकते है। 

NIOS (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग), उन छात्रों के लिए क्रेडिट ट्रांसफर स्वीकार करेगा जिन्होंने आईटीआई/NSTI में DGT के CTS (Craftsmen Training Scheme) के तहत प्रशिक्षण पूरा किया है:

दो साल के ट्रेड (2-Year Trades) के लिए:

  • चार विषयों का क्रेडिट ट्रांसफर मिलेगा।

  • NIOS आपको कम से कम दो और विषय देगा जिन्हें पास करना होगा।

  • इन दो विषयों में से:

  • एक भाषा का विषय (Language Subject) Group A से लेना अनिवार्य होगा।

एक साल के ट्रेड (1-Year Trades) के लिए:

  • तीन विषयों का क्रेडिट ट्रांसफर मिलेगा।
  • NIOS आपको भी कम से कम दो विषय देगा जिन्हें पास करना होगा।

इन दो विषयों में:

  • एक भाषा का विषय (Group A से)

  • और एक अन्य सामान्य (Academic) विषय लेना अनिवार्य होगा।

अतिरिक्त विकल्प:

ऊपर के विषयों के अलावा, आप चाहें तो दो और ऐकैडमिक (Academic) विषय किसी भी ग्रुप से चुन सकते हैं जो NIOS द्वारा ऑफर किए जाते हैं।

क्रेडिट ट्रांसफर (Credit Transfer) का मतलब होता है — आपने पहले जो पढ़ाई की है, उसे नई जगह पर मान्यता देना।

आसान भाषा में समझिए:

अगर आपने पहले किसी संस्था (जैसे ITI) में कुछ विषय (Subjects) पास कर लिए हैं, तो जब आप किसी दूसरी संस्था (जैसे NIOS) में पढ़ाई शुरू करते हैं, तो वो संस्था कहती है:

“आपने ये विषय पहले ही पास कर लिए हैं, तो आपको इन्हें दोबारा पढ़ने या पास करने की ज़रूरत नहीं है। हम इन विषयों को मान लेते हैं।”

यही कहलाता है – क्रेडिट ट्रांसफर

आईटीआई के बाद आगे क्या? शिक्षा, अप्रेंटिसशिप और रोजगार के अवसर

आईटीआई पूर्ण करने के बाद छात्रों के सामने सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न यह होता है कि अब आगे क्या किया जाए, ताकि एक स्थिर, सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य सुनिश्चित किया जा सके। आईटीआई छात्रों के पास तकनीकी कौशल (Technical Skills) होने के कारण उनके लिए शिक्षा और रोजगार—दोनों क्षेत्रों में अनेक अवसर उपलब्ध होते हैं।

सही जानकारी और उचित मार्गदर्शन के अभाव में कई छात्र जल्दबाज़ी में गलत निर्णय ले लेते हैं, जिससे उनके करियर की दिशा प्रभावित हो सकती है। इसलिए आईटीआई के बाद उपलब्ध विकल्पों को समझना, उनका मूल्यांकन करना और अपने लक्ष्य के अनुसार निर्णय लेना अत्यंत आवश्यक है।

📌 आईटीआई के बाद प्रमुख अवसर (Opportunities)

1️⃣ उच्च शिक्षा के अवसर

आईटीआई के बाद छात्र डिप्लोमा (Engineering/Technology), एडवांस सर्टिफिकेट कोर्स, शॉर्ट-टर्म स्किल कोर्स एवं अन्य तकनीकी शिक्षा विकल्पों के माध्यम से अपनी योग्यता को और मजबूत कर सकते हैं।

डिप्लोमा इन इंजीनियरिंग (Polytechnic Diploma)

डिप्लोमा इन इंजीनियरिंग एक तीन वर्षीय तकनीकी शिक्षा कार्यक्रम है, जिसे आईटीआई के बाद छात्रों द्वारा सबसे अधिक चुना जाने वाला उच्च शिक्षा विकल्प माना जाता है। यह कोर्स छात्रों को व्यावहारिक ज्ञान, तकनीकी कौशल और इंडस्ट्री-रेडी ट्रेनिंग प्रदान करता है, जिससे वे तकनीकी क्षेत्र में सशक्त करियर बना सकें।

यह कोर्स 10वीं + आईटीआई उत्तीर्ण विद्यार्थियों के लिए उपयुक्त है। कई राज्यों में आईटीआई पास छात्रों को लेटरल एंट्री के माध्यम से सीधे द्वितीय वर्ष में प्रवेश की सुविधा भी दी जाती है, जिससे समय और संसाधनों की बचत होती है।

डिप्लोमा इन इंजीनियरिंग के अंतर्गत Electrical, Mechanical, Civil, Computer, Electronics तथा Automobile Engineering जैसी प्रमुख और मांग वाली ब्रांच उपलब्ध हैं।

इस कोर्स को पूरा करने के बाद छात्र Junior Engineer (JE) जैसे पदों पर सरकारी एवं निजी क्षेत्र में रोजगार प्राप्त कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, डिप्लोमा के बाद B.Tech में लेटरल एंट्री के माध्यम से उच्च शिक्षा का मार्ग भी खुलता है, जिससे करियर में और अधिक उन्नति संभव होती है।

एडवांस डिप्लोमा / एडवांस सर्टिफिकेट कोर्स

एडवांस डिप्लोमा एवं एडवांस सर्टिफिकेट कोर्स 1 से 2 वर्ष की अवधि के स्किल-आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम होते हैं, जो आईटीआई के बाद छात्रों को विशेष तकनीकी विशेषज्ञता (Specialization) प्रदान करते हैं। ये कोर्स विशेष रूप से इंडस्ट्री की वर्तमान जरूरतों को ध्यान में रखकर डिजाइन किए जाते हैं, जिससे छात्र तेजी से रोजगार के लिए तैयार हो सकें।

इन कोर्सों के अंतर्गत Advanced CNC Machining, Industrial Automation, Mechatronics, Solar Technician, Advanced Refrigeration & Air Conditioning, तथा PLC & SCADA जैसे आधुनिक और हाई-डिमांड क्षेत्र शामिल होते हैं। यह सभी क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहे उद्योगों से जुड़े हैं, जहाँ कुशल तकनीशियनों की निरंतर मांग बनी रहती है।

एडवांस डिप्लोमा या सर्टिफिकेट कोर्स करने के बाद छात्रों को इंडस्ट्री-रेडी स्किल्स, आधुनिक मशीनों व तकनीकों पर काम करने का अनुभव तथा कम समय में रोजगार प्राप्त करने का अवसर मिलता है। विशेष रूप से प्राइवेट सेक्टर में इन कोर्सों की उच्च मांग (High Demand) होने के कारण करियर की शुरुआत मजबूत और स्थिर बनती है।

डिप्लोमा इन वोकेशनल एजुकेशन (D.Voc)

डिप्लोमा इन वोकेशनल एजुकेशन (D.Voc) एक स्किल और थ्योरी आधारित व्यावसायिक डिप्लोमा कार्यक्रम है, जिसे NSQF (National Skills Qualifications Framework) के अनुसार डिजाइन किया गया है। यह कोर्स छात्रों को अकादमिक ज्ञान के साथ-साथ प्रैक्टिकल ट्रेनिंग और इंडस्ट्री एक्सपोज़र प्रदान करता है, जिससे वे रोजगार के लिए अधिक सक्षम बनते हैं।

D.Voc की कुल अवधि 3 वर्ष होती है, जिसमें चरणबद्ध रूप से Certificate → Diploma → Advanced Diploma का ढांचा अपनाया जाता है। इस संरचना के कारण छात्र पढ़ाई के साथ-साथ कार्य अनुभव (On-the-Job Training) भी प्राप्त करते हैं।

इस कोर्स के अंतर्गत Automotive, Electrical, Construction, IT/Hardware, Retail एवं Logistics जैसे महत्वपूर्ण और रोजगारोन्मुखी सेक्टर शामिल हैं, जो वर्तमान उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप हैं।

D.Voc करने के बाद छात्रों को पढ़ाई के साथ काम करने का अनुभव, इंडस्ट्री-लिंक्ड ट्रेनिंग, तथा रोजगार के बेहतर अवसर मिलते हैं। इसके अतिरिक्त, D.Voc पूरा करने के बाद B.Voc (Bachelor of Vocational Education) में आगे की पढ़ाई का विकल्प भी उपलब्ध होता है, जिससे करियर में दीर्घकालीन विकास संभव होता है।

बैचलर ऑफ वोकेशन (B.Voc)

बैचलर ऑफ वोकेशन (B.Voc) एक तीन वर्षीय डिग्री कार्यक्रम है, जो आईटीआई के बाद उच्च शिक्षा के लिए एक मजबूत और करियर-ओरिएंटेड विकल्प माना जाता है। यह कोर्स पारंपरिक डिग्री के साथ-साथ इंडस्ट्री-आधारित स्किल डेवलपमेंट पर विशेष जोर देता है, जिससे छात्र तकनीकी और व्यावसायिक दोनों स्तरों पर सक्षम बनते हैं।

B.Voc की अवधि 3 वर्ष होती है और इसमें थ्योरी के साथ-साथ प्रैक्टिकल ट्रेनिंग, प्रोजेक्ट व इंडस्ट्रियल एक्सपोज़र शामिल होता है। इस कारण यह कोर्स रोजगार की दृष्टि से अत्यंत प्रभावी माना जाता है।

इस डिग्री के अंतर्गत Electrical Technology, Automobile, Manufacturing, IT / Software तथा Construction जैसी लोकप्रिय और इंडस्ट्री-डिमांडेड स्पेशलाइजेशन उपलब्ध हैं, जो विभिन्न तकनीकी क्षेत्रों में करियर की मजबूत नींव तैयार करती हैं।

B.Voc करने के बाद छात्रों को डिग्री + स्किल का लाभ मिलता है, जिससे उन्हें प्राइवेट सेक्टर में बेहतर पहचान और स्थिर करियर के अवसर प्राप्त होते हैं। इसके साथ ही, अनुभव और कौशल के आधार पर सुपरवाइजर, कोऑर्डिनेटर एवं मैनेजमेंट-लेवल जॉब्स तक पहुँचने के अवसर भी खुलते हैं।

ओपन / डिस्टेंस एजुकेशन (Open Learning)

ओपन या डिस्टेंस एजुकेशन उन छात्रों के लिए एक लचीला और सुविधाजनक शिक्षा विकल्प है, जो नौकरी कर रहे हैं या किसी कारणवश नियमित कॉलेज में उपस्थित नहीं हो सकते। यह प्रणाली विद्यार्थियों को समय और स्थान की स्वतंत्रता के साथ पढ़ाई जारी रखने का अवसर प्रदान करती है।

इस माध्यम से छात्र IGNOU (इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय) एवं विभिन्न State Open Universities के अंतर्गत संचालित पाठ्यक्रमों में प्रवेश ले सकते हैं। ये संस्थान सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त होते हैं और देशभर में इनकी डिग्री एवं डिप्लोमा स्वीकार्य हैं।

ओपन लर्निंग के अंतर्गत Technical Certificate, Skill Diploma तथा विभिन्न Vocational Programs उपलब्ध होते हैं, जो कार्यरत छात्रों के लिए स्किल अपग्रेडेशन और करियर ग्रोथ में सहायक होते हैं।

ओपन / डिस्टेंस एजुकेशन के माध्यम से छात्र जॉब के साथ पढ़ाई, अपनी योग्यता में वृद्धि और बेहतर करियर अवसर प्राप्त कर सकते हैं, बिना नियमित कक्षा में उपस्थित हुए।

2️⃣ अप्रेंटिसशिप (Apprenticeship)

अप्रेंटिसशिप के माध्यम से छात्र इंडस्ट्री में व्यावहारिक अनुभव, मासिक स्टाइपेंड और भविष्य में स्थायी रोजगार के अवसर प्राप्त कर सकते हैं।

अप्रेंटिसशिप + पार्ट-टाइम स्टडी

अप्रेंटिसशिप के साथ पार्ट-टाइम स्टडी एक व्यावहारिक और करियर-फोकस्ड विकल्प है, जिसमें छात्र काम करते हुए पढ़ाई जारी रख सकते हैं। इस मॉडल में विद्यार्थी किसी उद्योग या संस्था में अप्रेंटिस के रूप में कार्य करते हैं और साथ-साथ अपनी शैक्षणिक योग्यता को आगे बढ़ाते हैं।

इस विकल्प के अंतर्गत छात्र Distance / Open Learning या Evening Diploma एवं Certificate Courses के माध्यम से पढ़ाई कर सकते हैं। यह व्यवस्था विशेष रूप से उन विद्यार्थियों के लिए उपयोगी है जो आर्थिक कारणों से फुल-टाइम पढ़ाई नहीं कर पाते, लेकिन उच्च शिक्षा और स्किल डेवलपमेंट दोनों जारी रखना चाहते हैं।

अप्रेंटिसशिप के साथ पढ़ाई करने से छात्रों को कमाई के साथ पढ़ाई का अवसर, वास्तविक इंडस्ट्री एक्सपीरियंस, तथा आत्मनिर्भर बनने के लिए आवश्यक फाइनेंशियल सपोर्ट मिलता है। साथ ही, कार्य अनुभव के कारण नौकरी के समय उनकी प्रोफाइल अधिक मजबूत बनती है और रोजगार की संभावनाएँ बढ़ जाती हैं।

3️⃣ रोजगार के अवसर

आईटीआई पास छात्रों के लिए सरकारी, अर्ध-सरकारी एवं निजी क्षेत्र में विभिन्न तकनीकी पदों पर रोजगार के अवसर उपलब्ध होते हैं। नौकरी खोजे Click here

4️⃣ स्वरोज़गार एवं उद्यमिता

तकनीकी ज्ञान के आधार पर छात्र स्वरोज़गार, सर्विस सेंटर, वर्कशॉप, फ्रीलांस टेक्निकल सर्विस आदि शुरू कर सकते हैं।

आईटीआई पूरा करने के बाद यह सवाल हर छात्र के मन में आता है कि अब आगे कौन-सा रास्ता चुना जाए, जिससे एक स्थिर, सुरक्षित और उज्ज्वल करियर बनाया जा सके। 

🔹 आईटीआई के बाद सही निर्णय लेने के लाभ (Advantages)

आईटीआई पूर्ण करने के बाद लिया गया सही और समय पर निर्णय छात्र के करियर, आय और भविष्य की स्थिरता को सीधे प्रभावित करता है। उचित मार्गदर्शन के साथ चुना गया करियर पथ न केवल बेहतर अवसर प्रदान करता है, बल्कि दीर्घकालीन सफलता की नींव भी रखता है।

आईटीआई के बाद सही निर्णय लेने के प्रमुख लाभ निम्नलिखित हैं:

  • बेहतर करियर दिशा – स्पष्ट लक्ष्य के साथ आगे बढ़ने से भटकाव से बचाव होता है।

  • उच्च वेतन और ग्रोथ के अवसर – सही विकल्प से आय और प्रमोशन की संभावनाएँ बढ़ती हैं।

  • तकनीकी एवं व्यावसायिक कौशल में वृद्धि – उच्च शिक्षा या विशेष प्रशिक्षण से विशेषज्ञता विकसित होती है।

  • सरकारी और निजी क्षेत्र में बेहतर अवसर – सही योग्यता से दोनों क्षेत्रों में रोजगार की संभावनाएँ खुलती हैं।

  • आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास – करियर को लेकर स्पष्टता होने से आत्मविश्वास बढ़ता है।

  • दीर्घकालीन स्थिरता और सुरक्षा – योजनाबद्ध करियर से भविष्य अधिक सुरक्षित होता है।

संक्षेप में, आईटीआई के बाद लिया गया सही निर्णय केवल अगला कदम नहीं, बल्कि उज्ज्वल और सफल भविष्य की मजबूत नींव होता है।

आईटीआई के बाद का सही निर्णय ही छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखता है। शिक्षा, अप्रेंटिसशिप, रोजगार या स्वरोज़गार—हर विकल्प के अपने लाभ हैं। आवश्यकता है तो केवल सही जानकारी, समय पर मार्गदर्शन और सोच-समझकर किए गए निर्णय की।

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